‘Broken But Beautiful’ Review: मॉर्डन लव स्टोरी पर सोच पुरानी

प्रेम करना एक सुखद एहसास होता है। अपने हमसफर के बारे में सोचना। उसका ख़्याल रखना, उसकी छोटी-छोटी सी बातों के बारे में सोचना, उसकी छोटी-छोटी से जिम्मेदारी उठाना, उसके पल-पल की खबर रखना, उसके प्रेम में पागल हो जाना एक सुखद एहसास तो होता है। किसी जमाने में यह सब खूबियां अगर किसी प्रेमी में होती थीं तो उसकी प्रेमिका को उस पर गर्व होता था।

लेकिन क्या इस बदलते समाज की लडकियां केयर के नाम पर हद से ज़्यादा दख़्लअंदाजी करने वाले प्रेमी को पसंद करती हैं या फिर ऐसे प्रेमी से चिड़ जाती हैं। उस से पीछा छुटाना चाहती हैं। मॉर्डन रिश्तों पर आधारित आल्ट  बालाजी और जी5 की सीरीज ब्रोकन बट ब्यूटीफुल यही दर्शाती है। सीरीज के बारे में जानने के लिए नीचे देखें।

निर्देशक: हर्ष डेडिया
कलाकार: विक्रांत मेसी, हरलीन सेठी, गोरव अरोरा, अनुजा जोशी
सीजन: 2
प्लेटफार्म: आल्ट बालाजी और जी5

कहानी वीर (विक्रांत मेसी) और समीरा (हरलीन सेठी) की है। यह दोनों एक दूसरे से प्यार करते हैं। लेकिन इन दोनों की ज़िंदगी में ही कोई और है। यह अपने-अपने पार्टनर डेबी (अनुजा जोशी) और अहान (गोरव अरोरा) के साथ में खुश हैं।

एक दिन अचानक एक हादसा होता है। वीर और समीरा अपने आपको रोक नहीं पाते हैं। उनके बीच जिस्मानी सबंध हो जाता है। सुबह होते ही दोनों को गिल्ट होता है। इसी गिल्ट में दोनों ही अपने पार्टनरों को बता भी देते हैं।

इस बात से नाराज होकर डेबी तो वीर को छोड़कर चली जाती है। लेकिन अहान समीरा से इतना प्यार करता है कि सब कुछ जानने के बाद भी उसे अपनाने के लिए तैयार हो जाता है।

वीर फिर से डेबी के साथ अपना वेडिंग प्लान का बिजनेश स्टार्ट करता है। इन्हीं के यहां पर अहान और समीरा की शादी होनी होती है। समीरा और वीर एक दूसरे को देखते हैं तो फिर से उनका प्यार जागने लगता है। बिल्कुल ठीक कुछ-कुछ होता है, बैंग बाजा बारात और तमाम ट्राईएंग्ल लव स्टोरी की तरह इसमें भी आहान को एहसास होता है, कि समीरा उस से नहीं वीर से प्यार करती है। वीर जो बचपन से समीरा को चाहता है। वह समीरा की खुशी के लिए और सीरीज को ख़त्म करने के लिए कह देता है। जा समीरा वीर से शादी कर।

सिनेमा की नज़र से

विक्रांत मेसी जिन्होंने पिछले साल आयी मिर्जापुर  में एक दमदार किरदार निभाया था। इस सीरीज में उनकी एक्टिंग देखने के बाद यह बात तो साफ हो जाती है। एक अच्छा निर्देशक ही अच्छी एक्टिंग करा पाता है। इस सीरीज को देखने के बाद खुद विक्रांत मेसी नहीं बता सकते कि उनका किरदार क्या था?

इस सीरीज के 11 एपीसोड हैं। किरदारों का कनेक्शन समझिए है। समीरा, पूर्नों (पूजा भामराह), अग्नि, तीन दोस्त है। अहान समीरा को प्यार करता है जो पूर्नों का भाई है। समीरा वीर को प्यार करती है जो उसके एक्स कीर्ती का भाई है। वीर डेबी को प्यार करता है, जिसका भाई पूर्नों का एक्स है। यहां तक की समीरा का जो कॉंऊसलर है, उसका वीर की काऊंसलर से पुराना रिश्ता है। लेखक को इतने कनेक्शन बनाकर लगा होगा कि उसने बहुत ही क्रिएटिव काम किया है। जबकि ऐसा करके उसने कहानी को कमजोर किया है।

आईडिया क्या था? देखने के बाद कुछ समझ नहीं आता। मॉर्डन लव के नाम पर आप पुरानी रूढ़िवादी चीजों को दिखा रहे हो। आप शुरूवात करते हो लड़की की आजाद लाईफ पर, उसकी मॉर्डन लाईफ पर लेकिन आपके किरदार सोच से रूढ़िवादी ही रह जाते हैं। उनके संवाद ‘तु मेरे भाई के साथ खेल रही है’, टिंडर पर मिले 20 साल के लडके का फोन छीन कर उसकी मां को बताने की धमकी देना कि उसका बेटा डेट कर रहा है।

समीरा और वीर एक दूसरे से इतना प्यार करते हैं कि एक रात अपने आपको रोक नहीं पाते और जिस्मानी सबंध बना लेते हैं। क्यों वीर ने शराब पी रखी थी, जैसे ही नशा उतरता है उसे अपनी गलती का एहसास होता है। मतलब नशे में आदमी…

निर्देशक को भी सोचना चाहिए था। किसी पब और सैलून से बेहतर किसी घर में कहानी को सेट करना चाहिए था। कहानी में इतने सारे जोड़-तोड़ करने से बचा जा सकता था। सीरीज का एंड जिसके अंत में लड़का अपने बचपन के प्रेम का त्याग करके लड़की को उसके प्रेमी से शादी के लिए बोल देता है, 1950 से फ़िल्मों में देखते आ रहे हैं। 2020 में भी आपकी सीरीज की मॉर्डन लड़की जिस से प्यार करती है, उस से शादी नहीं कर पा रही हैं। क्योंकि कोई और उसे प्यार करता है। अंत में वही लड़का उसे शादी की इज़ाजत देगा वो तब शादी करेगी।

आल्ट बाला जी के अलावा बहुत कम सीरीज में गाने देखे गये हैं। सीरीज में कई सारे गाने हैं जो काफी अच्छे भी हैं। यह एक अच्छा चलन है। जिसकी तारीफ भी करनी होगी। इसके बाद आने वाले समय में हो सकता है कि बाकी सीरीज में भी गाने देखने को मिलें। सीरीज में गानों का नया तरीका चलन में आ जाये।

कोई क्यों देखे?

इस सीरीज को अगर कोई लव स्टोरी के नाम पर देखे तो कहानी में ऐसा कुछ भी नयापन नहीं है जिसकी वज़ह से देखा जा सके।

एक्टिंग की वज़ह से देखें तो विक्रांत मेसी खुद मिर्जापुर के आस-पास भी अपना किरदार नहीं निभा पाये हैं। उनके अलावा तो बाकी के सारे किरदार इतना ऑवर रियेक्ट करते हैं कि बस मत पूंछों।

कॉमेडी का कोई नामों निशान सीरीज में नहीं मिलेगा। कोई सोशल मेसिज नहीं मिलेगा।

हां! सीरीज को गानों के लिए आप देख सकते हैं। बल्कि गाने सुन भी सकते हैं।