दीपावली से पहले 18 अक्टूबर को यह फ़िल्में होंगी आमने-सामने

इस हफ्ते यानी 18 अक्टूबर को हिन्दी की यह छोटी-बड़ी फ़िल्में रिलीज हो रही हैं। हर फ़िल्म के बारे में जानकारी के लिए एक नज़र देंखें।

‘अर्जुन सिंह आई.पी.एस’

यह कहानी एक इमानदार आई.पी.एस अर्जुन सिंह (प्रियांसु चटर्जी) की है।  जिनका सामना भ्रष्ट नेता (गोविंद नामदेव ) और स्टूडेंट नेता( विजय राज) से होता है। जो शहर में किसी भी लड़की को उठवा लेते हैं। उनका कोई आम आदमी ना पुलिस कुछ बिगाड़ पाती है। अर्जुन सिंह एक लड़की के अगवा होने पर उनसे टकराता है और अंत में उनकी गुंड़ा गर्दी का सामराज्य ख़त्म करता है।

‘घोस्ट’

बॉलीवुड में भूतिया फ़िल्मों के जाने-माने निर्देशक विक्रम भट्ट घोस्ट के साथ एक बार फिर से सिनेमा में दस्तक दे रहे हैं। इस फ़िल्म में उन्होंने कोई नामी एक्टर नहीं लिये हैं। फ़िल्म की कहानी एक बंगले से शुरू होती है। उस बंगले के आस-पास भूतों के बसेरा है। फ़िल्म का ट्रेलर देखने के बाद कुछ सीन में जॉम्बी जैसा फील आता है।

‘लाइफ में टाइम नहीं है किसी को’

यह फ़िल्म संस्कारों, रीती रिवाजों और इस समय के पढ़े लिखे युवा की सोच को दर्शाती है। फ़िल्म को पहले युवा के पोइंट से दिखाने की कोशिश की है। मां-बाप संस्कारों और परंपराओं को दुहाई देकर जिन्हें अपनी मर्जी से शादी नहीं करने देते हैं और ना अपनी मर्जी से जीने देते हैं। वहीं फिर मां-बाप का भी पोइंट दिखाया गया है कि युवा पीढ़ी के पास अपने बुजुर्गों के लिए टाइम ही नहीं है। वह ऐसी भागदोड़ भरी ज़िंदगी जीते हैं कि वह अपने मां-बाप की अर्थी के लिए भी टाइम नहीं निकाल पाते हैं। फ़िल्म में कृष्णा, राजपाल यादव, गोविंद नामदेव, शक्तिकपूर जैसे बड़े सितारे नज़र आयेंगे।

‘प से प्यार फ से फरार’

यह फ़िल्म मथुरा की ज़मीन पर आधारित है। कहानी दो प्रेमियों की है जिसमें लड़की अपर कास्ट और लडका दलित है। इन दोनों के प्यार को जाति के ठेकेदार नहीं मानते हैं। वह लड़का गांव से ड़रकर भाग जाता है। वह भागता हुआ ही देश के लिए मैडल लेकर आता है। उसे लगता है कि मैडल जीतने के बाद कोई उसकी जात नहीं पूंछेगा।

‘मेलिफिसेंट मिसट्रेस ऑफ एविल’

यह एक परी और इंसान की  प्रेम कहानी है। एक परी की लड़की को एक आदमी से प्यार हो जाता है। वह दोनों शादी करना चाहते हैं। उस लड़की की मां लेकिन ऐसा नहीं चाहती हैं। इसी बात को लेकर होती है टकराहट।

‘यारम’

यह दो दोस्तों की कहानी है। एक इमोशनल लेखक है तो दूसरा बहुत फ्री लड़का है। यह फ़िल्म इस जमाने में बदलते दोस्ती, प्रेम और रिश्तों को दर्शाती है। फ़िल्म में दोस्तों की भूमिका में प्रतीक बब्बर और सिधार्थ कपूर नज़र आयेंगे।

‘क्रिकेट’

इस फ़िल्म में पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद एक कोच की भूमिका में नज़र आने वाले हैं। फ़िल्म बिहार की अपनी टीम को लेकर है। बिहार के क्रिकेटरों को किसी और राज्य के लिए खेलना पड़ता है। कीर्ति आजाद अपनी बिहार की एक टीम बनाते हैं जो सफलता के झंड़े गाडती है।

‘मेक इन इंडिया’

यह फ़िल्म एक ऐसे गांव की समस्याओं को दिखाती हैं जहां रत्ती भर भी विकास नहीं होता है। इसी गांव में एक लड़की आती है। वह इस गांव के लोगों को शिक्षित करना चाहती है गांव के लोग उसी के ख़िलाफ हो जाते हैं। और सबका फैंसला मुखिया रघुवीर यादव की पंचायत में होता है।

‘ज़िंदगी तुमसे’

इस फ़िल्म की कहानी मां-बाप और बच्चों के बीच बनते बिगड़ते रिश्तों को लेकर है। एक मां अपने बच्चों को पाल पोसकर बड़ा करती है। वह बच्चे जब बड़े हो जाते हैं तो उसी मां को अपने साथ भी नहीं रख पाते हैं। फ़िल्म समाज की इसी सच्चाई को दर्शाती है।